Monday, September 30, 2019

क्षति के बिना हानि व हानि के बिना क्षति दोनो में क्या अंतर है ?

क्षति के बिना हानि में वादी के विधिक अधिकार का अतिक्रमण नहीं हुआ हो चाहे उसकी कितनी भी हानि हुई हो वह नुकसानी नहीं प्राप्त कर सकता इस उदाहरण के माध्यम से समझा जा सकता है

प्रतिवादी ने वादी के स्कूल के पास में एक स्कूल खोला थ जिससे वादी के स्कूल के बच्चे प्रतिवादी के स्कूल में जाने लगे। वादी को अपने स्कूल की फीस कम करनी पडी और काफी हानि हुई। इस पर वादी ने प्रतिवादी के खिलाफ वाद दायर किया। जिसमें न्यायालय ने यह निर्णय किया कि वादी को कोई उपचार नहीं मिल सकता क्योंकि वादी के किसी विधिक अधिकार का अतिक्रमण नहीं हुआ है।




हानि के बिना क्षति

पिछले उदाहरण से ज्ञात होता है कि बिना हानि के लिए वाद नहीं चलाया जा सकता जबकि बिना हानि के क्षति होने पर अर्थात विधिक अधिकार का अतिक्रमण होने पर वाद चलाया जा सकता है क्योंकि हानि प्रत्येक अपकृत्य के लिए दायित्व शर्त नहीं है जबकि क्षति अर्थात विधिक अधिकार का अतिक्रमण आवश्यक शर्त है। यह सिद्धान्त उन अपकृत्यों के मामलों में लागू होता है जहां अपकृत्य हानि के सबूत के बिना अनुयोज्य हैं।

स्पष्टीकरण

प्रतिवादी रिटर्निग आफिसर था उसने वादी को वोट रजिस्टर नहीं किया जबकि यह उसका विधिक अधिकार था प्रतिवादी की तरफ से यह तर्क दिया गया कि वादी जिस व्यक्ति को वोट देना चाहता था वह जीत गया। वादी को कोई हानि नहीं हुई है इस तर्क को मुख्य न्यायमूर्ति हाल्ट ने अस्वीकार कर दिया न्यायमूर्ति ने कहा कि यदि वादी का अधिकार है तो उसको उपचार मिलना चाहिए

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