Sunday, September 29, 2019

इन सूचनाओं को न देने के लिए लोक प्राधिकारियों को मिली है छूट

सूचना अधिकारी जब तक सूचना को लेकर पूरी तरह सन्तूष्ट नहीं हो जाते है तब तक सूचना नहीं दी जा सकती है हालांकि सूचना को न देने का विशेषाधिकार इन मूख्य भागो पर हो सकता है -:

 सूचना जिसके प्रकटन से भारत की प्रभुता अखण्डता पर किसी राज्य की सुरक्षा रणनीति वैज्ञानिक अथवा आर्थिक हितों पर विदेशी राज्य के साथ सम्बन्धों पर विपरीत असर डालती हो अथवा किसी अपराध को करने के लिए प्रोत्साहन करती हो

सूचना जिसके प्रकटन से संसद अथवा राज्य की विधायिका के विशेषाधिकार का अतिक्रमण हो

व्यापारिक विश्वास वाणिज्यिक गोपनीयता अथवा बौद्धिक सम्पदा सहित वह सूचना जिसके उदघाटन से किसी तीसरे पक्ष की प्रतियोगी स्थिति को हानि पहुॅचती हो सक्षम प्रधिकारी की दृष्टि में व्यापक जनहित में आवश्यक होने पर ऐसी सूचना का उद्घाटन भी सम्भव है.

सूचना जो किसी व्यक्ति को उसके न्यासीय सम्बन्धों के कारण प्राप्त हो सक्षम अधिकारी की दृष्टि में व्यापक जनहित में आवश्यक होने पर ऐसी सूचना का भी प्रकटन सम्भव है

सूचना जो विदेशी सरकार से विश्वास में प्राप्त की गई हो

 सूचना जो अपराधियों की जाॅच अथवा पकड या अभियोजन की प्रक्रिया में बाधा डालती हो

मंत्रिमण्डल उसके सचिवों और दूसरे अधिकारियों के बीच हुए विचार विमर्श वाले सभी अभिलेखों सहित मंत्रिमंडलीय दस्तावेजों। परन्तु मंत्रिमंडल के निर्णयों उनके तर्कों और निर्णय सम्बन्धी आधार सामग्री को निर्णय हो जाने के बाद और जब मामला पूर्ण अथवा समाप्त हो गया हो सार्वजनिक किया जा सकता है। परन्तु यह भी कि जो विषय इस धारा में उल्लिखित छूट की श्रेणी में आते है उन्हें प्रकट नहीं किया जा सकता

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